मध्य प्रदेश / विधानसभा सत्र का पहला दिन, दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद कार्यवाही स्थगित
मध्य प्रदेश विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र गुरुवार को दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद आज दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया। इससे पहले विधानसभा में कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में लोकसभा और विधानसभाओं की सीटों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण 10 साल बढ़ाने संबंधी 126वें संविधान संशोधन विधेयक के अनुमोदन को पारित कर दिया गया है। अब इसे शुक्रवार को सदन में रखा जाएगा।
आधी विधानसभाओं की सहमति जरूरी
संविधान (126वां) संशोधन विधेयक को लोकसभा और राज्यसभा द्वारा क्रमश: 10 और 12 दिसम्बर को पारित कर दिया गया है। बाद में इसे अनुमोदन के लिए राज्यों को भेजा गया है। इसे लागू करने से पहले कम से कम 50 प्रतिशत विधानसभाओं की सहमति जरूरी होती है। ये विधेयक इसलिए जरूरी हो गया, क्योंकि आरक्षण की अवधि इस वर्ष 25 जनवरी को समाप्त हो रही है। विधानसभा के प्रमुख सचिव एपी सिंह ने कहा कि देश की 50 प्रतिशत विधानसभाओं द्वारा अनुमोदन मिलने के बाद इसे राष्ट्रपति को भेजा जाएगा और उनकी स्वीकृति मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा।
मप्र में ये है आरक्षण का गणित
मध्य प्रदेश में लोकसभा की कुल 29 सीटें हैं, जिनमें से 4 एससी एवं 6 एसटी के लिए आरक्षित हैं। जबकि प्रदेश में विधानसभा की कुल 230 सीटों में से 35 सीटें एससी एवं 47 सीटें एसटी सदस्यों के लिए आरक्षित हैं।